Saturday, 25 April 2020

चलो चाय पर चलते हैं!

चलो चाय पर चलते हैं!




चलो चाय पर चलते हैं,
कुछ तेरी कुछ मेरी वाली बात अनकही कहते हैं,
चलो चाय पर चलते हैं

कुछ बिस्किट सी गोल कुरकुरी याद सुनहरी करते हैं,
चलो चाय पर चलते हैं

आओ सफ़ेद सी प्याली को कुछ लाल-गुलाबी करते हैं,
चलो चाय पर चलते हैं

जहाँ वही पुराने गुमटी वाले शाम को महफिल सजते हैं,
चलो चाय पर चलते हैं

ठंडी होने से पहले कुछ गहमा-गहमी करते हैं,
चलो चाय पर चलते हैं

खौलते सारे ख्याल आज फिर चूल्हे पर जलते हैं,
चलो चाय पर चलते हैं

आओ सुबह से बैठे-बैठे साँझ सिन्दूरी करते हैं,
चलो चाय पर चलते हैं

छोड़े से भी छूट न पाए चाय सी आदत बनते हैं,
चलो चाय पर चलते हैं!

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